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कंट्रास्ट योजनाएं:
श्रवण-यंत्रों के प्रकार, उनकी देखभाल एवं रख-रखाव
जेब में या छाती के स्तर पर रखे जाने वाली थैली (हार्नेस) में रखा जाता हैं। इस श्रवण-यंत्र की बॉडी (body) में माइक्रोफोन (microphone), एम्प्लिफायर (Amplifier) और कंट्रोल्स (Controls) होते हैं। एक कॉर्ड (cord) से विद्युत सिग्नल रिसीवर (Receiver) में भेजा जाता हैं, जो कि इस सिग्नल (Signal) को आवाज में परिवर्तित करता हैं। रिसीवर मोल्ड से जुडा होता हैं, जो कि उसे अपनी जगह पर बनाए रखता हैं।
इस प्रकार का यंत्र कान के पीछे पहना जाता हैं। यह पिना (Pinna) के ऊपर अटक जाता हैं। यह प्लास्टिक नली के द्वारा एक कर्ण साँचे (Ear Mould) से जुडा होता हैं, जो इसे अपनी जगह पर कान में बनाए रखता हैं।
संपूर्ण श्रवण-यंत्र कान में या कान की नली में होता हैं। हियरिंग एडं (श्रवण यंत्र) को एक कठोर प्लास्टिक के कवच में रखा जाता हैं। इस प्लास्टिक के कवच को कान के आकार के हिसाब से विशेष रूप से बनाया जाता हैं।
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अंतिम अद्यतन दिनांक: २७/०७/२०१२