यंत्र एवं साधन

श्रवण-यंत्रों के प्रकार, उनकी देखभाल एवं रख-रखाव

श्रवण-यंत्रों के प्रकार

पॉकेट मॉडेल श्रवण यंत्र

जेब में या छाती के स्तर पर रखे जाने वाली थैली (हार्नेस) में रखा जाता हैं। इस श्रवण-यंत्र की बॉडी (body) में माइक्रोफोन (microphone), एम्प्लिफायर (Amplifier) और कंट्रोल्स (Controls) होते हैं। एक कॉर्ड (cord) से विद्युत सिग्नल रिसीवर (Receiver) में भेजा जाता हैं, जो कि इस सिग्नल (Signal) को आवाज में परिवर्तित करता हैं। रिसीवर मोल्ड से जुडा होता हैं, जो कि उसे अपनी जगह पर बनाए रखता हैं।

कान के पीछे लगाया जानेवाला श्रवण यंत्र (Behind the Ear [BTE]):

इस प्रकार का यंत्र कान के पीछे पहना जाता हैं। यह पिना (Pinna) के ऊपर अटक जाता हैं। यह प्लास्टिक नली के द्वारा एक कर्ण साँचे (Ear Mould) से जुडा होता हैं, जो इसे अपनी जगह पर कान में बनाए रखता हैं।

कान में पहना जानेवाला श्रवण यंत्र (In the Ear) ITE :

संपूर्ण श्रवण-यंत्र कान में या कान की नली में होता हैं। हियरिंग एडं (श्रवण यंत्र) को एक कठोर प्लास्टिक के कवच में रखा जाता हैं। इस प्लास्टिक के कवच को कान के आकार के हिसाब से विशेष रूप से बनाया जाता हैं।

जानकारी:

http://bharat.gov.in, भारतीय राष्‍ट्रीय पोर्टल (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)

अंतिम अद्यतन दिनांक : २२/०३/२०१७