वाचा एवं भाषा दोष और हस्तक्षेपन

हकलाना:

वाचा प्रवाह में खंड /अंतराल वाचा का प्रभाव को कम करता हैं। वाचा प्रवाह में सौम्य हिचकिचाहट से तीव्र भंग /अंतराल तक की हकलाट हो सकती हैं। यह समस्या बचपन में शुरू होकर बडें होने तक शुरू रह सकती हैं। इसका परिणाम उनके व्यक्तिगत एव सामाजिक विकास /वद्घि पर होता हैं। उन्हें रोजगार मिलने में भी समस्या हो सकती हैं।

वाणी एवं भाषा उपचार

वाणी एवं भाषा विकृतियों का प्रबन्धन एवं उपचार भाषा विज्ञानियों द्वारा किया जाता हैं। दूसरी टीम आडियोलाजिस्ट, सायकोलाजिस्ट, इ.न.टी., पेडिऍट्रिशियन, न्यूरोलाजिस्ट एवं विशेष शिक्षकों की होती हैं। व्यक्ति जिसे वाचा एवं भाषा में दोष हैं का उपचार वाचा-भाषा थेरैपीद्वारा किया जा सकता हैं। वाचा-भाषा थेरैपी लंबी अवधि की प्रक्रिया हैं। उसका तत्काल हल नहीं हैं। इसे निरतर अभ्यास एवं आप और आपके थेरैपिस्ट का काम में समन्वय आवश्यक हैं। प्रबंधन प्रक्रिया में परिवार सदस्यों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती हैं। परिवार के सदस्यों की भी इ प्रक्रिया में एक महत्त्वपूर्ण भूमिका होती हैं।

किसी भी प्रकार की वाचा एवं भाषा के विकृति के लिए, कृपया निकटतम साधारण / निजी अस्पताल के आडियोलाजिस्ट /भाषा थेरैपिस्ट से संपर्क करें।

सम्प्रेषण विकृति के लिए खतरें के कारक

सम्प्रेषण विकृति के लिए खतरें के कारकों की जानकारी रखना काफी सहायक हो सकता है:

  • गर्भावस्था के बाद होने वाले संक्रमण
    - रूबेला, हर्पिज
  • जन्म पर वजन
    - वजन का 1500 ग्राम से कम होना।
  • दवाइयाँ (स्ट्रेप्टोमायसिन आदि)
    - अगर दस दिन से ज्यादा इन दवाइयों का सेवन किया जाए।
  • चूसने या दूध पिलाने में असामान्यत: समय से पहले जन्म लेनेवाले बच्चों में अन्य समस्याएँ होती हैं, तालु या जबडे में विदर होना, चसने, निगलने एवं चबाने में कठिनाई के अलावा वाचा एवं भाषा के विकास में कठिनाई पैदा कर सकता हैं।
  • जन्मजात दोष :
    - क्लेफ्ट लिप / प्लेट; सबमुकोस क्लेफ्ट; बिफिड या युहुल का गायब होना, पिना की अपसामान्यतः हाइड्रो से फाजस, प्रोवेन क्रोमोसोमज सिड्रोम।
  • ब्लड ट्रान्सफ्यूजन /एक्सचेंज
    - जिसके फलस्वरूप तीव्र पीलिया हो सकता हैं।
  • श्रवण दोष संबंधी परिवारिक पाश्र्वर्वभूमि परिवार में श्रवण दोष
  • वाचा समस्याएँ या अध्ययन अधिगत संबंधी परिवारिक पार्श्र्वभूमी यदि बच्चे का नजदिकी परिवार या सगे रिश्तेदार
  • ध्यान रहें - पुनर्वसन प्रक्रिया को शीघ्र पहचान, त्वरित प्रबंधन एवं परिवार और समाज से सहृदय पूरक सहायता की आवश्यकता होती ।

वयस्कों में वाचा एवं भाषा दोष

भाषा दोष

मानव जाति को मस्तिष्क के विभिन्न विभागों से कल्पनाएँ, विचार एवं भावनाएँ, वाचा द्वारा अभिव्यक्त करने का मूल्यवान वरदान प्राप्त हु हैं। मस्तिष्क के वाचा केन्द्र से एवं वाचा अवयव की प्रक्रिया / क्रिया से यह आश्चर्य संभव हुआ हैं। लकवा या सर की गंभीर चोट से मस्तिष्क वाचा केन्द्र को क्षति पहुँचने के कारण से होने वाले भाषा दोष को अफेजिया करहते हैं। ऐसे लोगों को वाचा अभिव्यक्त करने एवं समझे में कठिनाई होती हैं। इसके अतिरिक्त उन्हें वाचन, लेखन एवं गणन में भी कठिनाई होती हैं। ऐसे लोगों को परिवार के भावनिक आधार और हायता की आवश्यकता होती हैं। वाचा एवं भाषा थेरैपी द्वारा उनके वाचा संप्रेषण कौशल को ठीक करने में सहायता होती हैं।

जानकारी:

http://bharat.gov.in, भारतीय राष्‍ट्रीय पोर्टल (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)

अंतिम अद्यतन दिनांक: २७/०७/२०१२