बहिर्गमन एवं विस्तारित सेवाएँ

श्रवण विकलांगता से बाधित बहुत से लोग जो कि गाँवो में रहते हैं, दूर-दराज इलाकों में रहते हैं, उन पर इतना ध्यान नहीं दिया जाता जितना कि शहरी इलाको में रहने वालों पर दिया जाता हैं। बहिर्गमन एवं विस्तारित सेवा विभाग की स्थापना वर्ष 1989 में इस उद्देश्य से की गयी थी कि निदान सेवा, सलाहकार सेवाएँ एवं लोगों में जागृति फैलाने का कार्य, ऐसे लोगों तक पहुँच सके। तब से अब तक, विभिन्न व्यावसायिकों का एक दल जो कि निदान करने वाले उपकरणों एवं विभिन्न सहायक यंत्रों से सुसज्जित हैं, ऐसी सेवाएँ गाँवों और दूर-दराज इलाकों में - कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक प्रदान करता हैं। इसके अलावा, ये लोग ग्रामीण क्षेत्रों की स्थानीय स्वयसेवी संस्थाओं (NGOs) जो कि इस कार्य में रुचि रखते हैं, उन्हें भी सेवा केन्द्र, प्री-स्कूल, व्यावसायिक प्रशिक्षण केन्द्र आदि की स्थापना करने में आवश्यक मार्गदर्शन सेवाए प्रदान करता हैं।

सरकारी और गैर-सरकारी स्वयंसेवी संस्थाएँ एवं स्कूल कैम्प करने के लिए हमसे संपर्क कर सकते हैं। मार्गदर्शी कैम्प करने हेतु आवेदन करने के लिए निर्धारिंत फार्म हैं और इस पृष्ठ से ही कैम्प हेतु पंजीकरण कर सकते हैं।
पूर्व कार्यक्रम की प्रश्नावली (68 KB) पीडीएफ फाइल नई विंडों में खुलती है।

जिला स्तरीय विकलांग पुनर्वसन केन्द्र पूरी तरह से कार्य करने लगे हैं और विकलांगता से बाधित व्यक्ति इन केन्द्रों की मदद ले सकते हैं।

डीडीआरसीएस् की सूची बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं।

जानकारी:

http://bharat.gov.in, भारतीय राष्‍ट्रीय पोर्टल (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)

अंतिम अद्यतन दिनांक : २२/०३/२०१७