सामाजिक आर्थिक पुनर्वसन

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पुनर्वसन प्रक्रिया सामाजिक आर्थिक पुनर्वसन के बिना अधूरी हैं। वास्तव में सामाजिक आर्थिक पुनर्वसन संपूर्ण पुनर्वसन प्रक्रिया का मुख्य भाग हैं। एन.आइ.एच.एच. सुविधाओं को पूरा करने के लिए मूलभूत सुविधाओं को जुटाने में लगा हैं। श्रवण विकलांगों की सामाजिक आर्थिक जरूरतों का ध्यान रखने के लिए हमारे यहाँ सुसज्जित सामाजिक आर्थिक पुनर्वास विभाग कार्यरत हैं।

विशेष उद्देश्य

  1. श्रवण विकलांगों के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण मोड्यूल के विकास हेतु केन्द्र के रूप में कार्य करना।
  2. स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से ग्रामीण श्रवण बाधित व्यक्तियों के लिए व्यवसाय प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध / निर्माण कराना।
  3. श्रवण विकलांग व्यक्तियों के व्यवसाय प्रशिक्षण का स्तर बढ़ाना।
  4. श्रवण विकलांग व्यक्तियों की रोजगार क्षमता देखना व उनके लिए रोजगार नियोजित करना।
  5. श्रवण विकलांग व्यक्तियों की क्षमताओं एवं योग्यताओं संबंधी नियोक्ताओं में जागरुकता निर्माण करना।
  6. श्रवण विकलांग व्यक्तियों के लिए उचित रोजगार पहचानना एवं रोजगार अवसर निर्धारित करना।
  7. श्रवण विकलांग व्यक्तियों के रोजगार के लिए रणनीतियों का विकास करना ।
  8. श्रवण विकलांग व्यक्तियों के लिए स्वयं-रोजगार के लिए दिशा-निर्देश विकसित करना।
  9. व्यवसायिक सलाहकार, कार्मिक अधिकारी (Employment Officers) Personnel Officers, पुनर्वसन अधिकारी (Rehabilitation Officer) एवं सामाजिक कार्यकर्ता (Social Workers) सामाजिक आर्थिक पुनर्वसन के लिए कार्य करने वाले व्यक्तियों को प्रशिक्षित करना।
  10. रोजगार एवं कैरियर के बारे में श्रवण-विकलांग व्यक्तियों को सलाह देना।

गतिविधियाँ

विभाग की कार्यविधियों को मुख्य रूप से तीन भागों में जैसे - सेवा, प्रशिक्षण तथा अनुसंधान में विभाजित किया जाता हैं।

क) सेवाभिमुख गतिविधियाँ

  1. व्यवसाय सलाह एवं मार्गदर्शन
  2. व्यवसाय प्रशिक्षण
  3. वयस्क बधिरो के लिए संगणक प्रशिक्षण
  4. सहयोगी प्रशिक्षण कार्यक्रम
  5. व्यवसाय प्रशिक्षण के लिए संदभिर्त सेवाएँ
  1. रोजगार नियोजन (job placement)
    1. सार्वजनिक क्षेत्र
    2. निजी क्षेत्र
    3. असंगठित क्षेत्र
    4. श्रवण बाधित व्यक्तियों के लिए विशेष रोजगार कार्यालय
  2. स्वयं रोजगार
    1. परियोजना प्रस्तावों का विकास
    2. वित्तीय संस्थानों को सन्दर्भित करना
    3. एऩ.एच.एफ.डी.सी.से समन्वय करना
  3. रियायते एवं सुविधाएँ
    1. रेलवे रियायत
    2. छात्र - वृत्तिया
    3. एक - भाषीय सूत्र
  4. सेवाओं की विस्तृत जानकारी

व्यवसाय परामर्श

विभाग, क्लाइन्ट को रोजगार परामर्श प्रदान करता हैं। ऐसा करते समय क्लाइन्ट की शैक्षिक योग्यता, उनकी इच्छा एवं उनके परिवार की इच्छा, क्लाइन्ट की सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थिति का विशेष ध्यान रखा जाता हैं। क्लाइन्ट की रुचि, योग्यता एवं कौशल पर उसे दिये जाने वाले रोजगार परामर्श का स्वरूप निर्भर करता हैं।

व्यवसायिक प्रशिक्षण

विभाग ने व्यवसायिक प्रशिक्षण के कार्य को तीन स्तरो पर लागू करने की योजना बनायी हैं, जैसे कि विभागीय व्यवसायिक प्रशिक्षण, किसी के सहयोग रूप से व्यवसायिक प्रशिक्षण देंना एवं व्यवसायिक प्रशिक्षण दिलाने में संदर्भित सहांयता प्रदान करना।

जानकारी:

http://bharat.gov.in, भारतीय राष्‍ट्रीय पोर्टल (बाहरी वेबसाइट जो एक नई विंडों में खुलती हैं)

अंतिम अद्यतन दिनांक : २२/०३/२०१७